ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics) में सोमवार को वह हुआ, जिसका सपना हर हिंदुस्तानी कई साल से देख रहा है। हमारी छोरियों ने साबित कर दिया कि वो किसी से कम नहीं हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम (Womens Hockey Team) इतिहास रचते हुए पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची है। क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से (India Beats Australia) हराया। भारत के लिए जीत का यह गोल गुरजीत ने 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम को दुनियाभर से बधाई मिल रही है। आम लोगों से लेकर सिलेब्रिटीज तक शुभकामनाएं दे रहे हैं। लेकिन इन्हीं सब के बीच 13 साल पहले फिल्मी पर्दे पर 'कोच कबीर खान' का बुना वह सपना भी हकीकत बनता दिख रहा है, जिसके बाद हर किसी की रगों में सिर्फ एक ही नारा दौड़ेगा- चक दे इंडिया! (Chak De! India) साल 2007 में रिलीज इस फिल्म में शाहरुख खान (Shahrukh Khan) ने कबीर खान का रोल निभाया था। महिला हॉकी टीम के कोच के तौर पर उनके ये डायलॉग्स आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। 'जो नहीं हो सकता... वही तो करना है!' ' वार करना है तो सामने वाले के गाल पर नहीं, सामने वाले के दिमाग पर करो, गोल खुद-ब-खुद हो जाएगा' ' मुझे स्टेट्स के नाम न सुनाई देते हैं, न दिखाई देते हैं... सिर्फ एक मुल्क का नाम सुनाई देता है I-N-D-I-A' ' चांदी को सोने में बदलने की कोशिश कर रहा हूं...' ' सिर्फ 70 मिनट हैं तुम्हारे पास... शायद तुम्हारी जिंदगी के सबसे खास 70 मिनट...' ' आज तुम चाहे अच्छा खेलो या बुरा, ये 70 मिनट तुम्हें जिंदगी भर याद रहेंगे...' ' 70 मिनट जी भरकर खेलो... क्योंकि इसके बाद ये 70 मिनट तुमसे कोई नहीं छीन सकता... कोई नहीं...' ' मैंने कहा था ना, टीम बनाने के लिए ताकत नहीं... नीयत चाहिए....'
from Entertainment News in Hindi, Latest Bollywood Movies News, मनोरंजन न्यूज़, बॉलीवुड मूवी न्यूज़ | Navbharat Times https://ift.tt/3lgoTJ8
https://ift.tt/2FLzuri
No comments:
Post a Comment